क्या प्रदेश कांग्रेस में सब ठीक-ठाक है? यदि नहीं तो सत्ता से विदाई तय ?

स्टेट हेड – पंकज विश्वकर्मा

0 विधानसभा चुनाव से पहले ही प्रदेश कांग्रेस कमेटी में मचा घमासान
0 प्रदेश अध्यक्ष ने जारी किया नियुक्ति आदेश, प्रदेश प्रभारी ने पलटा आदेश
रायपुर। विधानसभा चुनाव में चार महीने ही बचे हैं और छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी में घमासान मचा हुआ है। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस संगठन में 2 दिन पहले हुई नियुक्तियों को लेकर प्रदेश अध्यक्ष मोहन मरकाम और प्रदेश प्रभारी कुमारी शैलजा के बीच बड़े टकराव के हालात पैदा हो गए हैं।
दरअसल मोहन मरकाम ने दो दिन पहले नयी नियुक्तियों की सूची जारी कर कांग्रेस के प्रदेश महामंत्री को बदला था और कुछ अन्य को नया काम सौंपा था। इसे लेकर संगठन में विवाद घिर आ गया है। गुरुवार को एक उच्चस्तरीय बैठक मुख्यमंत्री निवास में की हुई थी जिसमें प्रदेश प्रभारी कुमारी शैलजा ने एक पत्र जारी कर सारी नियुक्तियों को रद्द कर दिया था।

इस विवाद में मरकाम का एक बड़ा बयान सामने आया जब तक कोई नया आदेश जारी नहीं हो जाता तब तक जारी की गई लिस्ट के आधार पर ही काम होता रहेगा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष मोहन मरकाम शुक्रवार को राजनांदगांव के दौरे पर थे। उन्होंने कहा कि प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारियों का समय समय में कार्यविभाजन होता रहता है, अभी चुनाव है और किसकी कहां उपयोगिता है उसके आधार पर प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने आदेश जारी किया है। 2 दिन पहले ही मोहन मरकाम का एक नियुक्ति आदेश मीडिया में वायरल हुआ था वायरल होने के बाद से ही पार्टी के बड़े नेताओं और प्रदेश प्रभारी कुमारी शैलजा की नाराजगी सामने आई थी।

आदेश जारी होने के बाद प्रदेश प्रभारी कुमारी शैलजा अचानक रायपुर पहुंची और मुख्यमंत्री निवास में कोर कांग्रेस नेताओं की लंबी बैठक हुई बैठक के दौरान ही मरकाम के नाम की एक चिट्ठी बार आई , इसमें मरकाम द्वारा की गई नियुक्तियों को तत्काल प्रभाव से रद्द करने और रवि घोष को संगठन तथा प्रशासन महामंत्री पद पर नियुक्त करने की बात कही गई थी। प्रदेश महामंत्री अमरजीत चावला को हटाने के लिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने एआईसीसी की चिट्ठी लिखी थी।

अमरजीत को लेकर विवाद कांग्रेस के राष्ट्रीय अधिवेशन जो रायपुर में हुआ था उस समय से चल रहा है। अमरजीत को मोहन मरकाम का करीबी माना जाता है, लेकिन मुख्यमंत्री की आपत्ति के बाद रवि घोष को हटा कर अमरजीत को और प्रभावशाली बना दिया गया। इसके बाद से कांग्रेस में मामला गरमाया हुआ है और बड़े टकराव के हालात पैदा हो गए हैं यदि इस मामले को जल्द नहीं सुलझाया गया तो विधानसभा चुनाव में इसका बड़ा असर होगा।



