जगदलपुर: सरकारी स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं की कमी किसी से छिपी नहीं है। सरकार हर वर्ष करोड़ों रुपये स्कूलों में सुविधाएं बढ़ाने पर खर्च करती है, लेकिन स्थिति में सुधार की कछुआ चाल बरकरार है। अपवाद के रूप में इक्का-दुक्का स्कूलों को अलग कर दिया जाए तो अधिसंख्यक स्कूलों की यही दशा और दिशा है। बस्तर संभाग में जर्जर स्कूल भवन, एक-एक दो-दो कमरों में स्कूल संचालन की विवशता, खेल मैदानों का अभाव, कई स्कूलों में आहाता नहीं होने से स्कूल परिसर में बेरोकटोक मवेशियों की आवाजाही, टपकती छतें, झोपड़ी शालाएं और अधिक बारिश के समय अघोषित अवकाश, यह यहां की तस्वीर है।
एक कमरे में लग रही 3 कक्षाएं
3 classes in one room
