छत्तीसगढ़

22 लोगों को मिली नगर निगम में नियुक्ति, हाईकोर्ट के दबाव के चलते देर रात घोषणा

22 people got appointment in the Municipal Corporation, announcement made late night due to pressure from the High Court.

बिलासपुर। आखिरकार नगर निगम में सालों बाद 22 को अनुकंपा नियुक्ति मिली है। मालूम हो कि इन 22 को प्लेसमेंट में रखा गया था, लेकिन सेटअप नहीं होने की वजह से इन्हें अनुकंपा नियुक्ति का लाभ नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में इन्होंने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। वहीं इस मामले में हाई कोर्ट ने नगर निगम प्रबंधन को कड़ी फटकार लगाते हुए अनुकंपा नियुक्ति देने के निर्देश दिए।

वहीं 14 मई को इस मामले में हाई कोर्ट में सुनवाई की पहले ही रात ही नगर निगम अधिकारियों ने हाई कोर्ट के भय से देर रात आफिस खोलकर सभी को नियुक्ति पत्र का वितरण किया है। जिससे इन 22 को नगर निगम में नियमित नौकरी मिल पाई है।

मालूम हो कि तीन से पांच के भीतर निगम में कार्यरत दिवंगत कर्मचारियों के 22 स्वजन ने अनुकंपा नियुक्ति के लिए आवेदन किया था। नियमानुसार, कर्मचारी की मृत्यु के बाद जल्द से जल्द उनके परिवार के एक सदस्य को योग्यतानुसार पद दिया जाना चाहिए, लेकिन निगम अधिकारियों ने सेटअप की कमी और बजट का हवाला देकर इन मामलों को लटकाए रखा।

निगम के चक्कर काटकर थक चुके आश्रितों ने अंत में हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। जहा से शासन व निगम को कड़ी फटकार पड़ने व नियक्ति देने संबंधी निर्देश के बाद आगे की प्रक्रिया चालू कर दी गईं है। इसी को लेकर बुधवार देर रात भी निगम दफ़्तर खुला रहा। साफ है की जल्द ही 22 को उनके अनुकंपा नियक्ति का लाभ दिया गया है और रातोंरात नियुक्ति पत्र बांटा गया है।

कुछ ऐसा हुआ था मामला

10 जनवरी 2025 को अनुकंपा नियुक्ति के तहत 22 आक्षितों को नियुक्ति प्रमाण पत्र बांट दिया गया था। लेकिन इसके बाद अधिकारियों को पता चला कि सेटअप ही नहीं है। बड़ी गलती हो गई है।ऐसे में आनन-फानन में अनुकंपा नियुक्ति रद कर दिया।

इससे श्रुब्ध आश्रितों ने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। तब हाई कोर्ट ने भी माना कि अनुकंपा नियुक्ति का प्रविधान है तो सभी पात्र को इसका लाभ देना ही होगा। हाई कोर्ट ने इस मामले में नगरीय निकाय विभाग को जमकर फटकार लगाई थी। इसी के बाद अनुकंपा नियुक्ति देने की प्रक्रिया तेज हुई और अंत में इन्हें नौकरी मिली है।

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