45 डिग्री में 100KM पदयात्रा: रीवा में सपा की 100 KM पदयात्रा, कलेक्ट्रेट पहुंच सौंपा ज्ञापन — अधूरे पुल, डॉक्टरों की कमी और पट्टा मांग को लेकर गरजा जनआंदोलन

100km walk in 45-degree temperatures: SP's 100km walk in Rewa, memorandum submitted at Collectorate - Mass protest erupts over incomplete bridges, shortage of doctors, and lease demands

रीवा मप्र रिपोर्टर सुभाष मिश्रा 

रीवा, भीषण 45 डिग्री तापमान के बीच समाजवादी पार्टी की पदयात्रा ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रशासन को झकझोर दिया। सपा प्रदेश सचिव जगदीश सिंह यादव के नेतृत्व में बौसड़वा-कलिया कोट से शुरू हुई यह पदयात्रा छठवें दिन करीब 100 किलोमीटर की दूरी तय कर कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंची, जहां अपर कलेक्टर को मांग पत्र सौंपा गया।

पदयात्रा में बड़ी संख्या में ग्रामीण, आदिवासी, दलित एवं पिछड़े वर्ग के लोग शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि क्षेत्र की मूलभूत समस्याओं को लंबे समय से नजरअंदाज किया जा रहा है, जिससे जनता को सड़कों पर उतरकर आंदोलन करने के लिए मजबूर होना पड़ा है।

 

मुख्य मांगें बनी आंदोलन की धुरी

पदयात्रा के दौरान बौसड़वा-कलिया कोट पुल के अधूरे निर्माण को लेकर भारी आक्रोश देखने को मिला। बताया गया कि करीब दो वर्ष पूर्व पुल का शिलान्यास हुआ था, लेकिन शुरुआती कार्य के बाद निर्माण बंद कर दिया गया, जिससे आवागमन बाधित है। साथ ही निर्माण कार्य में लगे मजदूरों को अब तक मजदूरी न मिलने का भी गंभीर आरोप लगाया गया।

स्वास्थ्य सुविधाओं की बदहाली भी प्रमुख मुद्दा रही। डभौरा सहित आसपास के शासकीय अस्पतालों में डॉक्टरों की भारी कमी को लेकर ग्रामीणों ने नाराजगी जताई और तत्काल नियुक्ति की मांग की। इसके अलावा डभौरा में उप तहसील कार्यालय खोलने और क्षेत्र में नहर जोड़ने की मांग भी उठी।

भूमिहीनों को अधिकार दिलाने की मांग तेज

पदयात्रियों ने राजस्व एवं वन भूमि पर निवास कर रहे एससी, एसटी, ओबीसी एवं अन्य गरीब भूमिहीन परिवारों को पट्टा देने की मांग को प्रमुखता से उठाया। उनका कहना है कि वर्षों से बसे लोगों को आज तक कानूनी अधिकार नहीं मिल पाए हैं।

 

सपा नेताओं ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि जनहित के मुद्दों को लेकर इतनी बड़ी पदयात्रा के बावजूद प्रशासन का कोई जिम्मेदार अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। इसे जनभावनाओं की अनदेखी बताते हुए सपा ने प्रशासन के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित किया।

 

पदयात्रा के समापन पर नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि एक सप्ताह के भीतर मांगों का समाधान नहीं हुआ, तो पार्टी बड़ा आंदोलन छेड़ेगी। साथ ही एक प्रतिनिधिमंडल जल्द ही कलेक्टर से मुलाकात करेगा।

 

इस पदयात्रा में सैकड़ों की संख्या में महिला-पुरुष कार्यकर्ता और ग्रामीण शामिल रहे, जिन्होंने भीषण गर्मी में भी अपने अधिकारों की आवाज बुलंद की।

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